सोचिये अगर चंद्रमा पृथ्वी के ऊपर आ गिरे तो क्या होगा ?

  
moon falls into earth

Moon Falls To Earth : चंद्रमा ने हमेशा कई तरह से इंसानों की कल्पनाओं को जगाया है। चन्द्रमा का प्रकाश सूर्य की अपेक्षा बहुत कम होता है। चंद्रमा पृथ्वी के संबंध में अपनी स्थिति के आधार पर अपना आकार चेंज करता रहता है। पृथ्वी और चंद्रमा एक दूसरे से बहुत अलग है। जहा पृथ्वी सूर्य के चारो ओर जाती है और चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है। लेकिन सोचिए अगर यही चंद्रमा पृथ्वी पर गिर जाए तो फिर क्या होगा? ऐसी ही कई तरह की कल्पनाएं लोगो के मनो में उठते रहते है। आगे हम इस पृथ्वी और चंद्रमा के बारे कुछ रोचक बाते विस्तार से बताएंगे। 

 

पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच की दूरी कम हुई तो हो सकता है ,खतरा

 

पृथ्वी और चांद के बीच की दूरी जानने के बाद दुःखी मत होइए,   क्योंकि अगर ये दूरी कम हुई। तब तो हम सबकी लाइफ भी खतरे में आ जाएगी। सफेद क्रिस्टल जैसे चन्द्रमा की अपनी एक अलग स्टोरी  है, जो धरती पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है। अमेरिकन म्यूजियम ऑफ़ नेचुरल हिस्ट्री के अनुसार,  धरती और अन्य ग्रहों के टकराने के पश्चात ही चन्द्रमा का निर्माण हुआ । चन्द्रमा इन ग्रहों के टुकड़ों से बना है । यही कारण है कि चन्द्रमा का बड़ा प्रभाव पृथ्वी पर भी पड़ता है। कई नेचुरल घटनाओं से लेकर हमारे डेली के मूड पर भी चन्द्रमा का असर पड़ता है। ये धरती को ठंडक पहुंचाती है और जानवरों को भी इससे सहायता  मिलती है।  ऐसे में यदि धरती और चांद के बीच की दूरी कम हो जाए तो फिर क्या होगा? 

चंद्रमा अपनी तरफ समंदर की लहरों को अट्रैक्ट करता है

चंद्रमा और पृथ्वी की डिस्टेंस कम होते तबाही स्टार्ट हो सकती है। हालांकि फिलहाल हर वर्ष चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 1.5 इंच दूरी पर स्पिन हो जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि हम 65 बिलियन वर्ष बाद की बात करें तो चंद्रमा दूर जाने के बजाय धरती के करीब आने लगेगा। और यही वो समय होगा जब  तबाही की आगमन हो जायेगी। चंद्रमा अपनी तरफ समंदर की लहरों को अट्रैक्ट करता है। जब यही चंदा मामा पास आयेंगे तब ये समंदर की लहरें उनकी तरफ खींची चली जायेगी। और इस कारण सुनामी जैसी हालात उत्पन्न हो जायेगी। 

जब पृथ्वी पर गिर जाएगा चंद्रमा

चंद्रमा पृथ्वी से 11,470 मील की दूरी पर है। यदि ये धरती के पास आ गया तब यहां मौजूद समंदर से 30 हजार फीट ऊंची लहरें उठेंगी। इतना ही नहीं मून के पास आने से पृथ्वी का क्रम भी चेंज होगा। और दिन छोटे होने लगेंगे , टेंपरेचर भी कम होना शुरू हो जायेगा। वही इन सब कारणों से चंद्रमा टुकड़ों में गिरने लगेगा।  चंद्रमा के पृथ्वी पर क्रैश होते ही ये धरती के चारों तरफ से सर्कल सा बना लेगी। आईएनएसएच के अनुसार,  पूरा चंद्रमा धरती पर नहीं गिरेगा, लेकिन उसके कुछ हिस्से कई अलग जगहों में गिरेंगे और उन जगहों पर गिरने से उसे तबाह कर देंगे।