Chandra Grahan 2022 Date Time : नवम्बर में इस दिन लगने वाला है चन्द्र ग्रहन ,भारत में कब और कहा आयेंगा नजर ?

  
Chandra Grahan 2022 Date Time

Chandra Grahan 2022 Date Time : आठ नवंबर को चंद्र ग्रहण लगने वाला है। और 8 नवंबर को ही कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि भी है। ज्यादतार लोगो का कहना कि,  ये चंद्र ग्रहण पूर्वी भारत में नजर आएगा। इसलिए भारत के सभी इलाकों में सूतक मान्‍य नहीं होगा। लेकिन ज्‍योतिषाचार्य डॉक्टर अरविंद मिश्र का कहना है कि, आठ नवंबर को लगने वाला चंद्र ग्रहण केवल पूर्वी भार‍त में ही नहीं।  बल्कि कई जगहों पर नजर आएगा।  फर्क केवल इतना है कि, बिहार, बंगाल, ओडिशा व अन्य पूर्वी भारत के तमाम जगहों में ये खग्रास रूप में और शेष भारत में खंडग्रास रूप में दिखाई देगा। परंतु  सूतक हर रूप में मान्‍य रहेगा। आगे इस लेख के माध्यम से हम आपको विस्तार से इस चंद्र ग्रहण के बारे में बताएंगे। 


चंद्र ग्रहण लगने का समय

ज्योतिष की मानें तो , भारतीय टाइम के मुताबिक, यदि दुनिया में चंद्र ग्रहण की शुरुआत 8 नवंबर को अपराह्न दो बजकर उनतालीस मिनट पर होगी।  लेकिन भारत में ग्रहण चंद्र उदय के टाइम से नजर आएगा। भारत में चंद्र ग्रहण की शुरुआत शाम में  05 बजकर 29 मिनट में शुरू होगा और शाम में छह बजकर उन्नीस मिनट में समाप्‍त हो जाएगा। पूर्वी भारत के कुछ जगहों पर लोग चंद्र ग्रहण देख सकेंगे। परंतु कुछ जगहों पर सिर्फ ग्रहण का आंशिक ही दिखाई देगा। 

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भारत के इन जगहों पर दिखेगा चंद्र ग्रहण

8 नवंबर को लगने वाले चंद्र ग्रहण भारत के कई जगहों में दिखाई देखा। जिसमे अमृतसर, कोलकाता, प्रयागराज,रांची, शिमला, द्वारका, मथुरा, हरिद्वार, वाराणसी, मुबई जैसे कई राज्यों में चंद्र ग्रहण के लोग गवाह होंगे। बात करे विश्व की तो, एशिया, अष्ट्रलिया, दक्षिण अमेरिका , अटलांटिक जैसे अन्य जगहों पर चंद्र ग्रहण नजर आ सकता है। 

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चंद्र ग्रहण सूतक सुबह में 9 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगा । और सूतक काल शाम में छह बजकर अठारह मिनट पर समाप्त हो जायेगा । सूर्य ग्रहण के दौरान चार प्रहर के लिए सूतक मनाया जाता है। तथा चंद्र ग्रहण के दौरान ग्रहण से पूर्व तीन प्रहर के लिए सूतक मनाया जायेगा। पूर्व चन्द्र ग्रहण को खग्रास बोला जाता है। ये उस दौरान लगता है कि,जब चंद्रमा पूर्व रूप से पृथ्वी के गर्भ में आ जाता हैं । इस दौरान पृथ्वी सूरज को पूर्व रूप से ढक देती है। ऐसे में सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं जा पाता है। जब चंद्रमा का एक हिस्सा पृथ्वी के गर्भ में चला जाता है। तब उसे खंडग्रास चन्द्र ग्रहण बोला जाता है।